Tuesday, March 15, 2011

हमारा 'उफ' बोलना भी कत्ल हो गया

जबाँ हमारी की खता, इतनी भी थी क्या?
अपनी आँखों की वैह्शियत का नज़ारा तो देखिये | 
की उनसे, छूरियों  पे छूरियाँ चलाते हैं यूं आप
और हमारा 'उफ' बोलना भी कत्ल हो गया?

मरकर ही शायद सुकून लिखा मेरी कहानी में
दे दे कुछ ऐसा की निकल जाये हलक से ये जान |
होंठों से लब्ज सांप सा छोड़ते हैं यूँ आप
आज लाल खून में, ज़हर  का दख्ल हो गया |

मस्जिद नहीं जाता मैं अब, कुरान पढता तेरी दर पर
मांगता मन्नत जीने की तुमसे, सुन ले मेरे परवर |
अपनी साँसों से लकीरें मेरी, छेड़ते हैं यूँ आप
आज मेरा खुदा भी तेरी हमशक्ल हो गया |

7 comments:

सुशील बाकलीवाल said...

शुभागमन...!
कामना है कि आप ब्लागलेखन के इस क्षेत्र में अधिकतम उंचाईयां हासिल कर सकें । अपने इस प्रयास में सफलता के लिये आप हिन्दी के दूसरे ब्लाग्स भी देखें और अच्छा लगने पर उन्हें फालो भी करें । आप जितने अधिक ब्लाग्स को फालो करेंगे आपके ब्लाग्स पर भी फालोअर्स की संख्या उसी अनुपात में बढ सकेगी । प्राथमिक तौर पर मैं आपको 'नजरिया' ब्लाग की लिंक नीचे दे रहा हूँ, किसी भी नये हिन्दीभाषी ब्लागर्स के लिये इस ब्लाग पर आपको जितनी अधिक व प्रमाणिक जानकारी इसके अब तक के लेखों में एक ही स्थान पर मिल सकती है उतनी अन्यत्र शायद कहीं नहीं । प्रमाण के लिये आप नीचे की लिंक पर मौजूद इस ब्लाग के दि. 18-2-2011 को प्रकाशित आलेख "नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव" का माउस क्लिक द्वारा चटका लगाकर अवलोकन अवश्य करें, इसपर अपनी टिप्पणीरुपी राय भी दें और आगे भी स्वयं के ब्लाग के लिये उपयोगी अन्य जानकारियों के लिये इसे फालो भी करें । आपको निश्चय ही अच्छे परिणाम मिलेंगे । पुनः शुभकामनाओं सहित...

नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव.

उन्नति के मार्ग में बाधक महारोग - क्या कहेंगे लोग ?

राकेश कौशिक said...

"आज मेरा खुदा भी तेरी हमशक्ल हो गया"

राकेश कौशिक said...

बहुत खूब

समय said...

शुक्रिया।

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

जबाँ हमारी की खता, इतनी भी थी क्या?
अपनी आँखों की वैह्शियत का नज़ारा तो देखिये |

कमाल की पंक्तियाँ हैं...... बहुत खूब

हरीश सिंह said...

" भारतीय ब्लॉग लेखक मंच" की तरफ से आप को तथा आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामना. यहाँ भी आयें, फालोवर अवश्य बने . . www.upkhabar.in

Patali-The-Village said...

बहुत खूब....